2016年12月1日,星期四

ये नोट कल हो ना हो !


एटीएम की लंबी कतार में लग कर जब खुद ही का कमाया हुआ 2 हज़ार का एक नोट मिलता है तो इतना हर्ष होता है मानों कोई जंग जीत कर आये हो। फिर जब उसी 2 हज़ार के नोट का छुट्टा करवाने के तरीक़े ढूंढने की जुगाड़ में निकलते हैं और अचानक कोई दूकानदार ईश्वर का अवतार बन के इस नोट के बदले सौ के नोट देता है तो ऐसा लगता है मानो सर्वस्व को पा लिया हो। जब हम हमारे पास इकट्ठे चन्द 1000 और 500 के नोट को बैंक में जमा कर आते हैं तो ऐसा सुकून मिलता है मानो लाश को ठिकाने लगा आये हो।

फिर जब टेलीविज़न पर गांधी परिवार के राजकुमार को दिल्ली से मुम्बई जा कर एटीएम की कतार में लगे देखते हैं तो रूह कांप उठती है।

मफलमफलरवाले साहब को उनकी योग्यता के प्रतिकूल ट्वीट करते हुए पाते हैं तो समझ नहीं आता की एक तरफ़ा वाद विवाद भी कितना मनोरंजक होता है।

और विदेश यात्रा से लौटे नेताजी को भाषण के दौरान आंसू बहाते देख मन किसी टेलीविज़न सीरियल की बहू की याद दिला देता है।

इसी बीच हर न्यूज़ चैनल पर 8 पासपोर्ट साइज़ के चहरे और एक थोड़ा बड़ा साइज के न्यूज़ रीडर का आपस में संवाद और अपनी मति का प्रदर्शन करते देख हम हास्य और रहस्य की मजधार में खुद को झूलता हुआ पाते हैं।

ईश्वर की अनुकंपा से व्हात्सप्प और फेसबुक पर हो रहे सुचना एवं प्रसार की अतिशयोक्ति में हम निरंतर मुस्तैद रहते हैं।

किसी गरीब को अस्पताल में नोटों के अभाव में तरसते देखा और एक दुल्हन के पिता को बारात को चाय पिला कर लौटाते देखा, तो मन आहात हुआ यह सोच कर की आखिर इसका ज़िम्मेदार कौन है और शिकार कौन।

खैर ये सब छोड़ें साहब, हम तो चले एटीएम। क्या पता ये नोट कल हो ना हो !

(免责声明:本帖子无意伤害,诽谤或伤害任何人,性别,宗教,政党,新闻频道,宗教信仰,上帝或任何与其有关的人的感情。如果是的话,我谨此致歉。我写这篇文章的目的是从我的角度介绍整个情况,并鼓励建设性的思考过程,以建立一个更好,更进步的国家。这些观点是基于我对当前情况的有限了解而来,只是出于娱乐目的)


7条评论:

  1. प्रिया कुमार2016年12月1日23:25

    वर्ण एवं शब्दों का परिपक्व प्रयोग, व्यंग्यात्मक रूप मे आज की समस्या का सुन्दर विवरण !

    回复删除
  2. 很棒的文章,感谢您提供的重要信息,内容非常有趣。我将等待您的下一个帖子。

    回复删除
  3. 非常好的帖子。我只是偶然发现了您的博客,并想说我真的很喜欢浏览您的博客文章。毕竟我’将会订阅您的供稿,希望您能尽快再次写信!

    回复删除
    回覆
    1. 非常感谢。很高兴知道这一点:)我'd即将发布内容。

      删除
  4. 嘿,继续发布如此好的和有意义的文章。

    回复删除

感谢您的好评!我一直很期待。